आजकल जिसे देखो Cryptocurrency के बारे में ही बात कर रहा हैं ? आखिरकार ये Cryptocurrency क्या है ? और कैसे काम करती है, और हमें इसमें investment करना चाहिए या नहीं । आज हम इन सभी बातों के बारे मे जानेंगे ।
1. Cryptocurrency क्या है? और काम कैसे करती है ?
उदाहरण ( Example) के तोर पर : समझ लो कि तीन दोस्त थे रमेश, सुरेश और दीपेश । एक दिन सभी फिल्म देखने theatre गए, पर सुरेश और दिपेश को फिल्म की टिकट के लिए ₹20 कम पड़े। इसलिए रमेश ने दोनों की टिकट के पैसे भरे । और दोनों ने बदले में पैसों की जगह रमेश को ₹20 के Parle-g biscuit दिए । लेकिन रमेश को तो अपने पैसे चाहिए थे । यह बात की दोनों को रमेश को ₹20 देने बाकी है, एक Document पर लिख कर रमेश ने दोनों से Signature करवा लिया । Problem यहां ये है कि Ramesh document मे झोल-माल करकर ₹30 को ₹80 कर सकता है । तो उन्होंने सोचा कि इस document की एक-एक Copy सभी अपने पास रखेंगे ।
तो यह पूरा transaction peer-to-peer हुआ । जो parties involved हैं उन्हीं मे हुआ और instantly हुआ । और उन्होंने अपना भरोसा किसी एक इंसान पर नहीं, system मे रखा । इसी तरह Cryptocurrency काम करती है । Cryptocurrency ( E.g Bitcoin ) भी एक digital Parle-G Biscuit है । जहां सारे transactions के records decentralized system मे होते हैं । जैसे Biscuits कई तरह के होते हैं। वैसे ही Cryptocurrency भी कई तरह कि होती है। ( जिनकी recepie अलग होती हैं और value भी । ) = { Different Protocol and Different Prices }.
1. रमेश - 1st Computer
2. सुरेश - 2nd computer
3. दीपेश - 3rd computer
4. Parle-G Biscuit - Cryptocurrency (e.g Bitcoin )
5. Document - Ledger { यहां हिसाब रखने वाले document को ledger कहते हैं । - (इंसान के द्वारा Computer मे ।) }
इसी तरह से हर Computer में हिसाब किताब रखने वाला Ledger होता है, हर कंप्यूटर में एक ही जैसा हिसाब होता है और अगर कोई जैसे कि { ( रमेश - यानी 1st Computer मे) झोल-माल करकर ₹30 को ₹80 करने कि कोशिश करेंगे तो वह सारे Computer से Mismatch (अलग) होगा और वह पकड़ा जाएगा । } और ये जो Ledger है, क्या कोई एक इंसान maintain कर रहा है, नहीं इसे कई सारे लोग मिलकर maintain करते हैं । ( Public Ledger ). ये है Peer-to-Peer Network यानी Person-to-Person Network । कई सारे लोग/ Computers मिलकर उस Ledger को Maintain करते है । किसी एक का Ledger नहीं अनेक लोगों का Ledger । और ये Ledger कैसे maintain होता है। उसके पीछे है ये Revolutionary Technology ( Blockchain ) ।
जो लोग इस Ledger को Maintain कर रहे है इसकी Responsibility लेते है उन्हे Miners केंहते है । और इस Process को, transactions को Maintain करना, transactions को Validate करना । इसको कहते है Mining । ये सब किसी को बैठ कर नही करना होता, यह सब System Generated होता है, Automatic होता है । लेकिन हा इसके लिए Special Computers और Softwares लगते हैं । और इस Process मे, Mining मे जो समय और पैसा लगता है इसके बदले मे Miners को उसी Currency मे कुछ Reward मिलता है । सरल भाषा में Cryptocurrency एक Private Digital Currency है ।
अब यहां पर एक सवाल करने वाली बात आ जाती है, की किसके पास कितना पैसा है वो हर System मे Maintain हो रहा है। तो फिर यहां तो कोई Privacy ही नहीं है । हर किसी को पता है किसके पास कितना पैसा है ? तो फिर यह बात तो सही नहीं है ? अब यहां पर आता है cryptocurrency का मजबूत Pillar Cryptography । जिसका मतलब सब कुछ Coded है । और जिसे कोई जल्दी से समझ नहीं सकता, हर एक लिखी चीज का कोई ना कोई अर्थ है। यह एक बड़ा कारण है Cryptocurrency की शुरुआत का और उसकी बढ़ती लोकप्रियता/Popularity का ।
2. CRYPTOCURRENCY का अर्थ और उनके प्रकार ( Types ) :
Crypto - ( गुप्त ) Secret.
Bitcoin के निर्माण के बाद, इंटरनेट पर उपलब्ध Cryptocurrencies की संख्या बढ़ रही है ।
( क्रिप्टोकरेंसी की सूची ) List of Some Notable Cryptocurrencies :